ईश्वर समय, स्थान और परिस्थितियों के अनुसार विभिन्न रूपों में अवतरित होते हैं। जब भगवान गौतम बुद्ध प्रकट हुए, तब उन्होंने बाहरी अनुष्ठानों की अपेक्षा आंतरिक शुद्धता, करुणा और आत्म-अनुशासन पर विशेष बल दिया तथा लोगों को निष्कपट और सच्ची आध्यात्मिकता की ओर मार्गदर्शन किया।
Why did Lord Buddha not teach Bhakti? — 01 May 2026